अनार की खेती

भिवानी,फतेहाबाद व हिसार में होगी अनार की पैदावार: जेपी दलाल

हरियाणा के किसानों को बागवानी की तरफ मोड़ेगी सरकार
हिसार में स्ट्राबेरी तो यमुनानगर में होंगे लीची के बाग
बागवानी वाले जिलों को कलस्टर में बांटा
CNFC News Chandigarh


आने वाले दिनों में हरियाणा के भिवानी जिले में जहां अनार की पैदावार होगी वहीं यमुनानगर जिले में लीची के बाग लहलहाते दिखाई देंगे। प्रदेश सरकार ने किसानों को फसली चक्र से निकालते हुए हरियाणा में फलों की पैदावार वाले जिलों को चिन्हित करके कलस्टर बना दिए हैं। हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने गुरुवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि बागवानी विभाग ने जिलों की उपजाऊ क्षमता और वहां पैदा हो सकने वाले फलों के हिसाब से राज्य को कलस्टर में बांटा है। विभाग ने इस साल बागवानी का एरिया लगभग 25 हजार एकड़ बढ़ाने का टारगेट रखा है। अमरूद के कलस्टर प्रदेश के सभी जिलों में बनेंगे। यह ऐसा फल है, जिसका उत्पादन राज्य के अधिकांश जिलों में हो सकता है। इसी तरह से सिरसा, फतेहाबाद व हिसार एरिया में किन्नू उत्पादन पर भी जोर रहेगा।

jp dalal
सोनीपत को खुम्भी उत्पादन में देश में सबसे आगे माना जाता है। अब यहां केले का भी उत्पादन होगा। अभी तक हरियाणा में केला दूसरे राज्यों से आता है। सोनीपत कलस्टर में केले का पहला बाग लगेगा। लगभग 50 एकड़ भूमि में यह बाग लगाने की योजना है। इसके लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। उत्तराखंड व यूपी से सटे यमुनानगर जिला में लीची के बाग लगाए जाएंगे। यमुनानगर, पंचकूला व अंबाला को आम का कलस्टर बनाया गया है। पहले से इन जिलों में 90 हजार हैक्टेयर के करीब आम के बाग हैं। अगले एक साल में 150 एकड़ भूमि में आम के बाग और बढ़ाने की योजना है। हार्टिकल्चर विभाग ने हिसार व भिवानी को स्ट्रॉबरी कलस्टर भी घोषित किया है। स्ट्रॉबरी का ट्रायल यहां कामयाब रह चुका है।
कृषि मंत्री ने बताया कि भिवानी, नारनौल, चरखी दादरी, हिसार, सिरसा व फतेहाबाद की रेतीली भूमि पर थाइलैंड के ‘एप्प्ल बेर’ की खेती होगी। इन बेरों की काफी डिमांड रहती है।

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