हरियाणा बागवानी जयप्रकाश दलाल

हरियाणा बागवानी के क्षेत्र में देश में जल्द होगा अव्वल : कृषि मंत्री 

CNFC News Chandigarh

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  जयप्रकाश दलाल ने कहा कि प्रदेश में इजराईल के साथ मिलकर बागवानी के क्षेत्र में हरियाणा नई तकनीकी पर काम कर रहा है। इस नवीनतम तकनीकी को अपनाकर हरियाणा में अलग-अलग जिलों में फल-सब्जी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलैंस तैयार किए गए है और आने वाले कुछ समय में 3-4 सेंटर ओर स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश में किसानों की आय में इजाफा करने के लिए बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार बागवानी पर सबसीडी भी मुहैया करवा रही है और वह दिन दूर नहीं जब हरियाणा बागवानी के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर होगा।
कृषि मंत्री जेपी शनिवार को कुरुक्षेत्र जिला में स्थित सेंटर फॉर सब-ट्रॉपिकल फ्रूट, लाडवा में उद्यान विभाग हरियाणा की तरफ से लगाए गए 5 दिवसीय फल उत्सव के उदघाटन समारोह में बोल रहे थे। इससे पहले कृषि मंत्री ने विधिवत रुप से 18 से 22 जुलाई तक चलने वाले 5 दिवसीय फल उत्सव का शुभारम्भ किया। इस दौरान कृषि मंत्री व तमाम मेहमानों ने आम के पौधे लगाए और पैदल घूमकर 30 एकड़ भूमि पर लगे आम, आडू, आलु बुखारा, नाशपाती, अमरुद, अनार के फलों का निरीक्षण भी किया। कृषि मंत्री ने वेबिनार के जरिए प्रदेश के किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बागवानी विभाग की तरफ से कई सालों से पिंजौर में आम मेले का आयोजन किया जाता रहा, लेकिन इस बार इस मेले को आम के खेतों तक लेकर आए है और लाडवा के सेंटर फॉर सब-ट्रॉपिकल फ्रूट सेंटर में पहली बार फल उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस फल उत्सव को एक फल तक ही सीमित रखकर इस बार आम, लीची, अमरुद, अनार, नाशपती को प्रत्येक दिन एक-एक फल पर आधारित मेले का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण फल उत्सव में सोशल डिस्टैंस के नियमों की पालना करते हुए बहुत कम किसानों को आमंत्रित किया गया है और इस फल उत्सव को वेबिनार के जरिए किसानों के साथ जोड़ा गया है। इस देश में जब से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने बागडोर सम्भाली है, तब से तमाम नीतियां किसानों को फोकस रखकर तैयार की जा रही है। देश की अर्थव्यवस्था शहरों की बजाए गांव में आगे बढ़े और राष्टï्रपिता महात्मा गांधी के मार्ग पर चलते हुए ग्रामीण क्षेत्र में किसानों की अर्थव्यवस्था में लगातार सुधार करने की नीतियों को अमलीजामा पहनाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना काल में भी खेती-बाड़ी से सम्बन्धित आवागमन पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया। इस समय गेंहू, सरसों, मक्का जैसी फसलों में भी ऐतिहासिक वृद्घि हुई है, जहां पहले इन फसलों की ग्रोथ 2 से 3 प्रतिशत होती थी, वहीं यह ग्रोथ 6 प्रतिशत पर पहुंच गई है। प्रदेश में किसानों की आय को दौगूना करने के लिए फसल विविधिकरण पर फोकस रखकर बागवानी, डेयरी, दूध, मछली उत्पादन पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। इस प्रदेश में पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रोसेसिंग यूनिट के लिए ऋण मुहैया करवाया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज देकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम किया है। इस पैकेज के तहत बागवानी, डेयरी, मत्स्य पालन जैसे व्यवसायों के लिए कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध करवाए जा रहे है और सरकार का लक्ष्य है कि एक साल में 10 हजार युवाओं को रोजगार मुहैया करवाया जाए। इसके लिए 2 हजार मछली फार्म खोले जाएंगे और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए कलस्टर बनाए जा रहे है तथा हर 400 किलोमीटर में सेंटर ऑफ एक्सिलैंस स्थापित किए जा रहे है, आने वाले समय में 3 से 4 केन्द्र और स्थापित किए जाएंगे। इन केन्द्रों में किसानों को नई तकनीकी के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। जब किसान प्रशिक्षण ग्रहण करेगा तो निश्चित ही हरियाणा आने वाले समय में बागवानी के क्षेत्र में नम्बर एक स्थान पर होगा, दुध उत्पादन में दूसरे स्थान से पहले स्थान पर और मछली उत्पादन में भी पहले स्थान पर पहुंच जाएगा। हरियाणा के किसान समृद्घ हों, शिक्षित हो और सरकार की परियोजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सके, को जहन में रखकर सरकार नीतियां तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा कि पानी को बचाने के लिए सरकार ने सूक्ष्म सिंचाई पर ज्यादा ध्यान दिया है और इसके लिए 1 हजार करोड़ रुपए का बजट भी तय किया है। इस प्रदेश में एक-एक बूंद से सिंचाई की जाएगी और इजराईल की तर्ज पर कम पानी से खेती की जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किसानों के जोखिम को कम करने के लिए कई योजनाओं को लागू किया है, 5 एकड़ तक भूमि वाले किसानों के खाते में 6 हजार रुपए प्रतिवर्ष प्रति परिवार जमा करवाने का फैसला किया, इस राशि से फसल भी किया जाएगा। इतना ही नहीं हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां पर 50 लाख पशुओं का टीकाकरण किया गया जबकि पूरे देश में डेढ़ करोड़ पशुओं को टीके लगाए गए। इस प्रदेश में मुंहखुर की बिमारी को समाप्त किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 से 6 लाख पशु पालकों को पशुधन क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे और इस कार्ड पर पात्र व्यक्ति को 1 लाख 80 हजार रुपए का ऋण बिना किसी गारंटी के मुहैया करवाया जाएगा।कृषि मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से भी ज्यादा नुकसान टिड्डïी दल ने प्रदेश में किया है, इस टिड्डïी दल के कारण पलवल, नूंह, दादरी, महेन्द्रगढ़, लोहारु, ऐहलनाबाद बहुत ज्यादा प्रभावित हुए, इस बारे मुख्यमंत्री मनोहर लाल और विशेषज्ञों से चर्चा की गई है।

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