आरक्षण की मांग को लेकर पूर्व विधायक न्यांगली

सीमावर्ती क्षेत्रों में विवाहित महिलाओं से जुड़ा मामला, न्यांगली ने लिखा सीएम को पत्र

CNFC News Sadulpur (Churu)

सादुलपुर सहित राज्य की सीमावर्ती तहसीलों में विवाहित ओबीसी,एससी वर्ग की महिलाओं को उनकी कैटेगरी अनुसार सरकारी नौकरी व चुनाव में आरक्षण का लाभ देने की मांग करते हुए सादुलपुर के पूर्व विधायक व बसपा नेता मनोज न्यांगली ने एक बार फिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,राज्यपाल राजस्थान, समाज कल्याण मंत्री राजस्थान सरकार तथा प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है।
पूर्व विधायक ने पत्र की मार्फत मांग की है कि सादुलपुर सहित राज्य की अनेक सीमावर्ती तहसीलों एवं जिलों में निकटवर्ती राज्यों हरियाणा,पंजाब,उत्तरप्रदेश से आरक्षित एससी,ओबीसी वर्ग की हजारों महिलाएँ वर्षों से विवाहित हैं।
दोनों राज्यों में इन महिलाओं की जाति आरक्षित श्रेणी में है। राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में विवाह के आधार पर ये महिलाएँ राज्य की मूल निवासी बन चुकी हैं। राजस्थान राज्य में इन्हें वोट डालने का अधिकार तो है परंतु अब इन्हें आरक्षित कैटेगरी अनुसार चुनाव लड़ने से वँचित किया जा रहा है जो की न्यायसंगत नहीं है। पिछले कुछ समय से इन महिलाओं को सरकारी नौकरी में नियुक्ति से भी रोका जा रहा है। गौरतलब है कि राज्य प्रशासन ने राज्य में विवाहित इन महिलाओं को कई तहसीलों में यहां के जाति प्रमाण जारी करने से मना कर दिया है, वहीं कई जिलों में आरक्षित वर्ग के जाति-प्रमाण पत्र होने के बावजूद आरक्षण का लाभ देने से मना कर दिया है। इसी मामले को लेकर पूर्व विधायक न्यांगली कुछ माह पूर्व भी सीएम को पत्र लिख चुके हैं,वहीं 23 दिसम्बर को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रफीक मंडेलिया भी सीएम अशोक गहलोत से मिलकर उन्हें मामले से अवगत करवा चुके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *