बेटियों की आत्मनिर्भरता के लिए शिक्षा बेहद जरूरी – नैना चौटाला 

सीएनएफसी न्यूज़ हिसार

जननायक जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री एवं बाढड़ा हलके से विधायक नैना सिंह चौटाला ने कहा है कि बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, चाहे खेल का मैदान हो, चाहे शिक्षा का क्षेत्र, हर जगह अपना परचम लहरा रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए आत्मनिर्भर होना जरूरी है और आत्मनिर्भरता के लिए बेटियों का शिक्षित होना बेहद जरूरी है। नैना चौटाला ने कहा कि बेटियों को शिक्षित करने के लिए न केवल माता-पिता को आगे आना पड़ेगा बल्कि समाज को भी इसकी जिम्मेवारी उठानी पड़ेगी। वे मंगलवार को हिसार जिले के मुकलान गांव स्थित राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में शिक्षाविद् स्व. श्रीराम जाखड़ की स्मृति में आयोजित छात्र प्रतिभा सम्मान समरोह में बतौर मुख्य वक्ता विद्यार्थियों को संबोधित कर रही थी। विधायक नैना चौटाला ने उपस्थित छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षा ऐसा धन है जिसका बंटवारा नहीं हो सकता। शिक्षा उसीके काम आएगी जिसने इसे ग्रहण किया है। उन्होंने बेटी बचाने का आह्वान करते हुए कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से बेटियों को पढ़ाया और बचाया नहीं जा सकता, इसके लिए समाज की सक्रिया, सकारात्मक भूमिका अत्यंत जरूरी है। उन्होंने माताओं से आह्वान किया कि बेटियों को बचाने और उन्हें शिक्षित करने में मां की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इससे पहले स्व. श्रीराम जाखड़ ट्रस्ट के चेयरमैन एडवोकेट प्रभुदयाल जाखड़ ने नैना सिंह चौटाला का स्वागत किया। नैना चौटाला ने स्व. श्रीराम जाखड़ की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें समाज के लिए प्रेरक व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान विद्यार्थियों की हौसला अफजाई के लिए उन्हें पुरस्कृत करने के लिए हर व्यक्ति व संस्था को आगे आना चाहिए। प्रभु दयाल जाखड़ ने एचपीसीएल के एसआरएम अमिताभ ठाकुर को समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

नैना चौटाला ने दर्जनों प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में महिला प्रदेशाध्यक्ष शीला भ्याण, जिला अध्यक्ष जयपाल बांडाहेड़ी, महिला जिला प्रधान कृष्णा भाटी,हलका प्रधान बागवीर बैनिवाल, रमेश गोदारा, सजन लावट, युवा हलका प्रधान अनूप धनखड़, महिला हलका प्रधान सुरेंद्र कौर खर्ब,  दलबीर धीरणवास, मनदीप बि श्नोई, अमित बूरा, मास्टर ताराचंद, निर्मला, कृष्णा खर्ब, राधिका गोदारा, अनू सूरा, सिल्क पूनिया, गुरदीप चढ्ढा,सरपंच मनवीर सिंह, सरपंच भरत सिंह, राजेश झाजडिय़ा शमशेर मात्रश्याम, संदीप धीरणवास, मास्टर रामचंद्र, पम्मी सरपंच, ओमप्रकाश भेरियां, किताब सिंह देवां, दलबीर बैंदा, जयसिंह गोदारा, हेमंत खत्री, विजय सिंह जाखड़, राजेंद्र जाखड़, धनपत राम शर्मा, छोटूराम बैंदा, मास्टर रामचंद, प्रिंसीपल निशा रानी व शिक्षक सहित अन्य मौजूद थे।